14/09/2022मनीष सपरा परिवर्तन का शंंखनाद

उत्तराखंड हुआ शर्मसार : डॉक्टरों ने इमरजेंसी में नहीं देखा बीमार बच्चे को, अपने नंबर का इंतज़ार करते करते डॉक्टर के सामने ही बाप की गोद में बच्चे ने तोडा दम। मंत्री खुद बीमार पड़ने पर बाहरी राज्यों में अपना इलाज करवाते है और आमजन गंभीर बीमारियों के साथ लंबी कतार में दम तोड़ देते है।

हर किसी को पहले डॉ. को दिखाने की होड़ लगी हुई थी। परिजनों ने कई बार कहा कि बच्चे की हालत नाजुक है लेकिन उनकी वहां किसी ने नही सुनी, न ही किसी कर्मचारी ने और न ही किसी डॉ. ने बच्चे की सुध ली। बच्चे की हालात इस कदर बिगड़ी कि लाइन में लगे-लगे ही उसने दम तोड़ दिया। बच्चे के शव को लेकर उसके परिजन बाहर आ गए और सिवाए रोने के कुछ नही कर सके।

पिथौरागढ़ 2 दिन पूर्व एक परिवार अपने तीन साल के बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे थे, क्योंकि बच्चे की हालत ज्यादा खराब थी। इमरजेंसी में जब दिखाने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा अभी ओपीडी का समय है, इन्हें ओपीडी में डॉक्टर को दिखाइए। लेकिन ओपीडी में मरीजों की लम्बी लाइन लगी थी, परचा बनवाने और ओपीडी में अपने नंबर का इंतज़ार करते करते बाप की गोद में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया।

चित्र में साफ देखा जा सकता है कि एक शख्स अपने मासूम बच्चे को गोद में लिए रो रहा है और आसपास खासी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी हुई है। वीडियो में लाचार व्यक्ति अपने तीन साल के बच्चे के शव को लेकर सिर्फ रोता हुआ दिखाई दे रहा है। जिसके बाद इस घटना का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। अब सवाल यह है , राज्य में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते कब तक लोग यूँ ही अपनी जान गंवाते रहेंगे।

इस घटना ने सभी को हतप्रभ कर दिया है। राज्य सरकार अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर हमेशा ही अपने गुणगान करती आई है, लेकिन ज़मीनी हकीकत तो यही है कि आज भी स्वास्थ्य सेवाएं राज्य में बदहाल ही है। मंत्री खुद बीमार पड़ने पर बाहरी राज्यों में अपना इलाज करवाते है और आमजन गंभीर बीमारियों के साथ लंबी कतार में दम तोड़ देते है।

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