25 फरवरी 2022 रिपोर्ट मनीष सपरा परिवर्तन का शंखनाद

Noida : रूस-यूक्रेन के बीच तनाव का माहौल बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण अब नोएडा के कारोबारियों पर गहरा असर पड़ने लगा है। नोएडा के कारोबारियों का दावा है कि रूस और यूक्रेन के बीच तनाव का माहौल पैदा होने के कारण 3 महीनों में 5 हजार करोड़ से अधिक के निर्यात में कमी आई है। अब युद्ध के आसार काफी ज्यादा बढ़ते नजर आ रहे हैं, ऐसे में कारोबारियों को आर्थिक नुकसान में भारी क्षति होने की आशंका जाहिर हो रही है।

पहले होता था 40 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कारोबारियों का रूस और यूक्रेन से सालाना करीब 40 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होता है। जिले में स्थित 12 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां रूस और यूक्रेन से माल आयात-निर्यात करती है, लेकिन पिछले 3 महीनों के दौरान औद्योगिक इकाइयों को काफी नुकसान हुआ है। काफी तेजी के साथ आयात-निर्यात में गिरावट आती जा रही है। ऐसे में कपड़ों का कारोबार करने वालों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उद्योगपति को लगातार डर लग रहा
औद्योगिक संगठनों का दावा है कि एक साल के दौरान रूस में करीब 3 हजार करोड़ रुपए का कपड़ा निर्यात होता था, लेकिन जब से स्थिति सामान्य नहीं है तब से लगातार कारोबार में गिरावट आती जा रही है। इस समय रूस और यूक्रेन में सामान का निर्यात काफी कम हो गया है। नोएडा के एक बड़े उद्योगपति ने बताया कि पिछले 3 महीने के दौरान रूस और यूक्रेन के अलावा यूरोप के अन्य देशों से भी माल के आर्डर काफी कम आने लगे हैं। जिसकी वजह से लगातार आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। ऐसे में उद्योगपति को लगातार डर लग रहा है।

मौजूदा हालात में रूस से निर्यात काफी कम
नोएडा में एक गारमेंट एक्सपोर्ट इकाई के मालिक मुकेश अरोड़ा ने बताया कि विवाद के बाद यूक्रेन से कारोबार में गिरावट आ रही है। केवल उनकी कंपनी का ही आठ-दस साल पहले तक 20 से 25 करोड़ का सालाना कारोबार होता था। अब मात्र तीन से चार करोड़ का ही वार्षिक कारोबार रह गया है। रूस के साथ भी केवल गारमेंट एक्सपोर्ट का सालाना तीन हजार करोड़ से अधिक का कारोबार होता है। यूक्रेन की तुलना में रूस के साथ कारोबार में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। मौजूदा हालात में रूस से निर्यात कम हो गया है।

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